प्रिय मित्रवृंद,
अति हर्ष का विषय है कि 23 जनवरी, 2026 के वसंत पंचमी के पावन दिवस पर मेरी चतुर्थ पुस्तक 'शाश्वत निरूपण - एक समन्वित स्पन्दन', 'M/s Big Foot Publications, Gurugram' के माध्यम से लोकार्पण हो गई है। 134 कृतियों का यह रूचिकर काव्य-संग्रह अनंत संभावनाऐँ लिए, स्वयं को सज्जित करने और आत्म को सदा नवीन रखने की उद्घोषणा लिए है। आशा है कि यह प्रबुद्ध पाठकों के आत्मिक उत्थान में सहभागी बनेगी, तथा साथ में हिंदी साहित्य की समृद्धि में भी यथोचित योगदान करेंगी l इससे पूर्व मेरी तीन पुस्तकें ‘महाकवि कालिदास विरचित', 'कादंबरी', तथा 'अन्वेषी यायावर - एक सतत प्राण प्रवाह' सफल व लोकप्रिय प्रकाशन हैं। अनुरोध है कि वे स्वयं पढ़ें, कमेन्ट करें, और अन्यों में परिचालित करें I 🙏🙏🙏
सादर - पवन कुमार, लेखक। 🙏🙏
पुस्तक निम्न लिंक पर उपलब्ध है l
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